2. ‘‘बिटिया’’ द्वारा अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस 8 मार्च 2011 का आयोजन

‘‘बिटिया’’ एवं संयुक्त राष्ट्र जनसंख्या कोष (यू.एन.एफ.पी.ए.) द्वारा दिनांक 08 मार्च, 2011  अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर भोपाल के रवीन्द्र भवन में एक सांस्कृतिक संध्या का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य लिंग परीक्षण आधारित कन्या भ्रूण हत्या से समाज पर पड़ने वाले नकारात्मक प्रभावों से अवगत कराना था।  

प्रोफेसर निशा दुबे, कुलपति बरकतउल्लाह विश्वविद्यालय, भोपाल एवं श्री राजेश जोशी, वरिष्ठ कवि व अध्यक्ष ‘‘बिटिया’’ क्लब की गरिमामय उपस्थिति में आयोजित इस सांस्कृतिक संध्या के माध्यम से समाज की विचारधारा परिवर्तित करने का प्रयास किया गया। इस अवसर पर शेडो ग्रुप द्वारा नाटक ‘‘अस्तित्व’’ का मंचन किया गया। इस नाटक का निर्देशन श्री मनोज नायर ने किया। यह नाटक डाॅ. डी. यू. पाठक द्वारा लिखी गई पुस्तक ‘‘यह कैसी विदाई पापा’’ पर आधारित है।    कार्यक्रम में बिलाबांग हाई इंटरनेशनल स्कूल  द्वारा एक मूक अभिनय ‘‘इनके बिना’’ प्रस्तुत किया गया, जिसमें महिलाओं की वर्तमान स्थिति और लिंग परीक्षण आधारित कन्या भ्रूण हत्या की समस्या को बहुत प्रभावी रूप से प्रस्तुत किया गया। इसके साथ ही स्कूल की छात्राओं द्वारा स्वतंत्र फोटोग्राफर रूहानी के दृष्टिवृतः का प्रस्तुतिकरण भी पावर पाॅईंट के माध्यम से किया गया। उल्लेखनीय है कि रूहानी द्वारा इस दृष्टिवृतः के माध्यम से यह चेतावनी दी गई है कि जैसे-जैसे पेंडूलम चेतावनी पूर्वक विपरीत लिंगानुपात की तरफ झूल रहा है, औरत मात्र पुरूष वारिस पैदा करने वाले उत्पादक मशीन, विवाह के लिए तस्करी एवं भाईयों के बीच बंटने की भूमिका तक सीमित रह गई है। रूहानी को इस फोटो रचना के लिए वर्ष 2005 में राष्ट्रीय प्रतिष्ठान की भारतीय फैलोशिप से पुरूस्कृत किया गया है।

इस अवसर पर संयुक्त राष्ट्र जनसंख्या कोष के राज्य कार्यक्रम समन्वयक, मध्यप्रदेश डाॅ. पी.आर. देव द्वारा यू.एन.एफ.पी.ए. के कार्यकारी निदेशक के संदेश का वाचन भी किया। डाॅ. देव ने अपने उद्बोधन में व्यक्ति, परिवार एवं समाज के स्तर पर महिलाओं के सशक्तिकरण, लिंग समानता और बेटी को महत्व देने के लिए सक्रिय प्रयास करने का आव्हान किया।


महिलाओं के हक़ में उठते हाथ "बिटिया" भी साथ